शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2022

22 Pratigya by Dr Bhimrao Ambedkar

14 अक्टूबर, 1956 ई को बौद्ध धम्म ग्रहण करते समय बाबा साहेब डॉ आंबेडकर द्वारा ली गई  22 प्रतिज्ञाएं 
 
 
1-मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं करूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.
 
2-मैं राम और कृष्ण, जो भगवान के अवतार माने जाते हैं, में कोई आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.
 
3-मैं गौरी, गणपति और हिन्दुओं के अन्य देवी-देवताओं में आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.
 
4-मैं भगवान के अवतार में विश्वास नहीं करता हूँ.
 
5-मैं यह नहीं मानता और न कभी मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे. मैं इसे पागलपन और झूठा प्रचार-प्रसार मानता हूँ.
 
6-मैं श्रद्धा (श्राद्ध) में भाग नहीं लूँगा और न ही पिंड-दान दूंगा.
 
7-मैं बुद्ध के सिद्धांतों और उपदेशों का उल्लंघन करने वाले तरीके से कार्य नहीं करूँगा.
 
8-मैं ब्राह्मणों द्वारा निष्पादित होने वाले किसी भी समारोह को स्वीकार नहीं करूँगा.
 
9-मैं मनुष्य की समानता में विश्वास करता हूँ.
 
10-मैं समानता स्थापित करने का प्रयास करूँगा.
 
11-मैं बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करूँगा.
 
12-मैं बुद्ध द्वारा निर्धारित पारमितों का पालन करूँगा.
 
12-मैं सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया और प्यार भरी दयालु रहूंगा तथा उनकी रक्षा करूँगा.
 
14-मैं चोरी नहीं करूँगा.
 
15-मैं झूठ नहीं बोलूँगा.
 
16-मैं कामुक पापों को नहीं करूँगा.
 
17-मैं शराब, ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों का सेवन नहीं करूँगा.
 
18-मैं महान आष्टांगिक मार्ग के पालन का प्रयास करूँगा एवं सहानुभूति और अपने दैनिक जीवन में दयालु रहने का अभ्यास करूँगा.
 
19-मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ जो मानवता के लिए हानिकारक है और उन्नति और मानवता के विकास में बाधक है क्योंकि यह असमानता पर आधारित है, और स्व-धर्मं के रूप में बौद्ध धर्म को अपनाता हूँ.
 
20-मैं दृढ़ता के साथ यह विश्वास करता हूँ की बुद्ध का धम्म ही सच्चा धर्म है.
 
21-मुझे विश्वास है कि मैं (इस धर्म परिवर्तन के द्वारा) फिर से जन्म ले रहा हूँ.
 
22-मैं गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ घोषित करता हूँ कि मैं इसके (धर्म परिवर्तन के) बाद अपने जीवन का बुद्ध के सिद्धांतों व शिक्षाओं एवं उनके धम्म के अनुसार मार्गदर्शन करूँगा.

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