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शुक्रवार, 9 मई 2025

हिंदूवा सूर्य वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती का गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहियाा पीपीगंज गोरखपुर विद्यालय में हुआ धूमधाम से आयोजन!

गोरखपुर 9 मई 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज गोरखपुर में हिंदूवा सूर्य राष्ट्र नायक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती धूमधाम से मनाया
 गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दूबे जी ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि कर दीप प्रज्ज्वलित किया और महाराणा प्रताप के योगदान पर प्रकाश डाला। विद्यालय के शिक्षक संदीप कुमार ने महाराणा प्रताप के बारे में विद्यार्थियों को बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण में जुड़ा रहा तथा उन्होंने मुगलों की पराधीनता कभी स्वीकार नहीं की। इतिहास में महाराणा प्रताप तथा मानसिंह दोनों हुए हैं लेकिन आज भारत वर्ष महाराणा प्रताप को ही अपना आदर्श मानता है मानसिंह को नहीं। जनता स्वाभिमानी और धर्म परायण व्यक्ति को अपना आदर्श मान लेती है।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित एक लघु नाटक का प्रदर्शन भी किया जिससे विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप के जीवन के बारे में नई-नई जानकारियां प्राप्त हुई। इस  अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार,
 अदिति कुमारी, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,


 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

सोमवार, 14 अप्रैल 2025

भारतीय संविधान के प्रणेता डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती पर विद्यालय में हुआ धूमधाम से आयोजन!

गोरखपुर, 14 अप्रैल 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती धूमधाम से मनाया
 गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दूबे जी ने डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि कर दीप प्रज्ज्वलित किया और डॉ. भीमराव अंबेडकर जी योगदान पर प्रकाश डाला। 
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार,
 अदिति कुमारी, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,
 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

शनिवार, 12 अप्रैल 2025

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया पीपीगंज गोरखपुर में श्री हनुमान प्राकट्य उत्सव!

गोरखपुर, 12 अप्रेल 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में प्रतिवर्ष की भांति श्री हनुमान प्राकट्य उत्सव
 धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर
 पर विद्यालय प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे ने हनुमान जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। उसके उपरांत
 विद्यालय के शिक्षक अंबरीष मणि त्रिपाठी ने कहा पवन पुत्र श्री हनुमान जी महाराज का चरित्र हम सभी के लिए अनुकरणीय है।हनुमान जी विद्या बुद्धि बल ज्ञान के दाता तथा उनके हृदय में भगवान श्री राम की भक्ति निरंतर बहती रहती है। ऐसे में हनुमान जी हमारे आदर्श हैं आज उन्हीं पवन पुत्र हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव है।हनुमान जी जब लंका
 विध्वंस के पश्चात प्रभु श्री राम के पास वापस आते हैं तब प्रभु श्री राम उनसे पूछते हैं कि हे पवन पुत्र! आपने लंका का दहन किस प्रकार किया जरा कुछ बताइए। हनुमान जी बड़े ही विनम्र भाव से कहते है,कि हे नाथ! विशाल लंका नगरी को जलाने में मेरा कोई योगदान नहीं था, यह सब आपका प्रताप था जिसके कारण मैंने विशाल लंका को जला दिया। तात्पर्य है कि हम जीवन में छोटे से छोटा कार्य करते है। सबसे पहले अपना नाम लेते हैं। कि यह कार्य मेरे द्वारा संपादित किया गया परंतु
 हनुमान जी हमें शिक्षा देते हैं की कार्य भले ही आपके द्वारा हुआ हो परंतु उसका श्रेय सबको मिलना चाहिए, ना कि स्वयं को क्योंकि हमारे किसी भी कार्य में समाज का योगदान होता है।अंत में उन्होंने हनुमान जी की वंदना के साथ अपनी वाणी को विराम दिया।
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं,
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् 
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं,
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि II
   इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार, अदिति
 कुमारी, संजय कुमार, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,

 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अंबरीश मणि त्रिपाठी, संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में अंक पत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

गोरखपुर, 29 मार्च 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में प्रतिवर्ष की भांति पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर मंजू मिश्रा, प्राचार्य, बापू पीजी कॉलेज पीपीगंज गोरखपुर एवं विशिष्ट अतिथि डॉक्टर सुनीता सिंह ब्लाक प्रमुख, भरोहिया पीपीगंज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समारोह दीप प्रज्ज्वलन के साथ
 शुरू हुआ। दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात छात्र-छात्राओं को अंक पत्र और प्रशस्ति पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई इस अवसर पर बापू पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉमंजू मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों में सभी के अंदर अलग-अलग प्रतिभा छिपी होती है। अभिभावकगण तथा शिक्षकों को बच्चों की प्रतिभा की पहचान करके उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास करना चाहिए। भरोहिया ब्लाक प्रमुख डॉक्टर सुनीता सिंह ने इस
 अवसर पर सोशल मीडिया के बढ़ते हुए प्रभाव तथा उसके बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि यदि हम मोबाइल का प्रयोग अच्छे प्रकार से करेंगे तो यह हमारे लिए लाभदायक तथा यदि गलत तरीके से करेंगे तो यह हमारे लिए बहुत ही हानिकारक होगा।
 विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे ने सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना ही गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ का परम उद्देश्य है। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ अपने संस्थापकों के बताए हुए मार्ग पर चलकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।
   इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,Students in Krishi Vigyan Kendra जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार, अदिति
 कुमारी, संजय कुमार, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,
 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

शनिवार, 7 सितंबर 2024

श्री गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया पीपीगंज गोरखपुर में युग पुरुष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजय नाथ जी महाराज एवं राष्ट्र संत ब्रह्मालीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन पुण्यतिथि के स्मृति में हुआ स्मृति व्याख्यान का आयोजन

गोरखपुर 7 सितंबर 2024। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में प्रतिवर्ष की भांति युग पुरुष ब्रहालीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसन्त ब्रह्मालीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन पुण्य स्मृति में "विद्यार्थी जीवन में्योग एवं खेलकूद का महत्व" विषयक एकदिवसीय स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर
 विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दूबे जी ने एवं मुख्य अतिथि श्री केशव प्रसाद तिवारी जी ने
 युगपुरुष ब्रह्मालीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्र सन्त ब्रह्मालीन महन्त अवैद्यनाथ जी के छायाचित्र पर
 माल्यार्पण कर पुष्प-सुमन अर्पित किया एवं दीप प्रज्वलन किया। तत्पश्चात मां सरस्वती वन्दना का संगीतमय गायन छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया एवं विद्यालय के शिक्षक श्री आशुतोष सिंह जी द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत एवं
 माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री केशव प्रसाद तिवारी जी ने विद्यार्थी जीवन में खेल-कूद एवं योग के महत्व को बहुत ही विस्तार पूर्वक बताया। तत्पश्चात
 प्रधानाचार्य महोदय द्वारा मुख्य अतिथि का सम्मान स्मृति चिह एवं अंगवस्त्र देकर किया गया। मुख्य अतिथि के व्याख्यान पर प्रधानाचार्य जी ने आभार प्रकट किया । इसके बाद छात्राओं ने
 राष्ट्रगीत वन्दे मातरम प्रस्तुत किया। मंच का संचालन शिक्षक

 श्री हरिकेश तिवारी जी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सीतम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण
 राही, अजय कुमार, वशिष्ठ मुनि, संतोष कुमार, पवन कुमार,

 शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार, जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार,
 संदीप कुमार, अदिति कुमारी , संजय कुमार, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार,
  हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली
 शाही, पूजा गुप्ता, संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वरुण कुमार,
 सुमन वर्मा, पुनीता पांडे, नागेंद्र दूबे, पूजा सिंह, किरण तिवारी,
 अनुराधा सिंह, शुभम मल्ल, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , समीर श्रीवास्तव,
वीरेंद्र शुक्ला,रेनू बाला सिंह सहित सभी शिक्षक, समस्त विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2022

22 Pratigya by Dr Bhimrao Ambedkar

14 अक्टूबर, 1956 ई को बौद्ध धम्म ग्रहण करते समय बाबा साहेब डॉ आंबेडकर द्वारा ली गई  22 प्रतिज्ञाएं 
 
 
1-मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं करूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.
 
2-मैं राम और कृष्ण, जो भगवान के अवतार माने जाते हैं, में कोई आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.
 
3-मैं गौरी, गणपति और हिन्दुओं के अन्य देवी-देवताओं में आस्था नहीं रखूँगा और न ही मैं उनकी पूजा करूँगा.
 
4-मैं भगवान के अवतार में विश्वास नहीं करता हूँ.
 
5-मैं यह नहीं मानता और न कभी मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे. मैं इसे पागलपन और झूठा प्रचार-प्रसार मानता हूँ.
 
6-मैं श्रद्धा (श्राद्ध) में भाग नहीं लूँगा और न ही पिंड-दान दूंगा.
 
7-मैं बुद्ध के सिद्धांतों और उपदेशों का उल्लंघन करने वाले तरीके से कार्य नहीं करूँगा.
 
8-मैं ब्राह्मणों द्वारा निष्पादित होने वाले किसी भी समारोह को स्वीकार नहीं करूँगा.
 
9-मैं मनुष्य की समानता में विश्वास करता हूँ.
 
10-मैं समानता स्थापित करने का प्रयास करूँगा.
 
11-मैं बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करूँगा.
 
12-मैं बुद्ध द्वारा निर्धारित पारमितों का पालन करूँगा.
 
12-मैं सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया और प्यार भरी दयालु रहूंगा तथा उनकी रक्षा करूँगा.
 
14-मैं चोरी नहीं करूँगा.
 
15-मैं झूठ नहीं बोलूँगा.
 
16-मैं कामुक पापों को नहीं करूँगा.
 
17-मैं शराब, ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों का सेवन नहीं करूँगा.
 
18-मैं महान आष्टांगिक मार्ग के पालन का प्रयास करूँगा एवं सहानुभूति और अपने दैनिक जीवन में दयालु रहने का अभ्यास करूँगा.
 
19-मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ जो मानवता के लिए हानिकारक है और उन्नति और मानवता के विकास में बाधक है क्योंकि यह असमानता पर आधारित है, और स्व-धर्मं के रूप में बौद्ध धर्म को अपनाता हूँ.
 
20-मैं दृढ़ता के साथ यह विश्वास करता हूँ की बुद्ध का धम्म ही सच्चा धर्म है.
 
21-मुझे विश्वास है कि मैं (इस धर्म परिवर्तन के द्वारा) फिर से जन्म ले रहा हूँ.
 
22-मैं गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ घोषित करता हूँ कि मैं इसके (धर्म परिवर्तन के) बाद अपने जीवन का बुद्ध के सिद्धांतों व शिक्षाओं एवं उनके धम्म के अनुसार मार्गदर्शन करूँगा.

सादगी और स्वाभिमान का प्रतीक है प्रो उदय प्रताप सिंह का जीवन : श्री मनीष कुमार दूबे प्रधानाचार्य, गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, पीपीगंज, गोरखपुर

गोरखपुर 27 सितंबर 2025। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय के क्षणिक प्रवाह में खोते नहीं, बल्कि युगों तक स्मृति और प्रेरणा बनकर जीवित रहते...