शनिवार, 27 सितंबर 2025

सादगी और स्वाभिमान का प्रतीक है प्रो उदय प्रताप सिंह का जीवन : श्री मनीष कुमार दूबे प्रधानाचार्य, गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, पीपीगंज, गोरखपुर

गोरखपुर 27 सितंबर 2025। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय के क्षणिक प्रवाह में खोते नहीं, बल्कि युगों तक स्मृति और प्रेरणा बनकर जीवित रहते हैं। उनका जीवन केवल सांसों का क्रम नहीं होता, बल्कि शिक्षा, सेवा और साधना का अद्भुत समन्वय होता है। प्रो. उदय प्रताप सिंह जी ऐसे ही तेजस्वी व्यक्तित्व थे—शिक्षा-जगत के अजातशत्रु, जिन्होंने अपने जीवन को समाज, संगठन और संस्कार के दीपक के रूप में जलाए रखा।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

01 सितम्बर 1933 को गाजीपुर की पुण्यभूमि पर जन्मे प्रो. सिंह ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से गणित विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त की। 1955 में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने उन्हें महाराणा प्रताप महाविद्यालय, गोरखपुर में गणित विषय का प्रवक्ता नियुक्त किया।
1958 में जब यह महाविद्यालय गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु समर्पित किया गया, तब प्रो. सिंह उसकी प्रथम पीढ़ी के प्राध्यापकों में सम्मिलित हुए। वे केवल अध्यापक नहीं रहे, बल्कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की जड़ों में रचे-बसे आधार-स्तंभ बने।

गोरक्षपीठ से गहरा नाता

उनका जीवन गोरक्षपीठ की परंपरा और साधना से गहराई से जुड़ा रहा। यह उनका सौभाग्य था कि उन्हें तीन पीठाधीश्वरों का सान्निध्य प्राप्त हुआ—

महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज, राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज एवं वर्तमान पीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ जी महाराज
इन तीनों संतों के सान्निध्य में रहते हुए उन्होंने शिक्षा को सेवा और संगठन को साधना का स्वरूप दिया।

संघ और संगठन में योगदान

प्रो. सिंह केवल शिक्षक या प्रशासक नहीं थे, वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत के प्रांत संघचालक भी रहे। वे पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की कार्यकारिणी में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।विद्या भारती में उन्होंने अनेक दायित्वों का निर्वहन किया। संघ का अनुशासन, शिक्षा की सौम्यता और संगठन की दृढ़ता उनके व्यक्तित्व की पहचान थी।

शिक्षा के क्षेत्र में यात्रा

उनकी शिक्षा-यात्रा समाज की चेतना का उत्कर्ष थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के आचार्य रहे। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति के रूप में नई दिशा दी। 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बने और संगठन को नई ऊर्जा दी। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की स्थापना के समय प्रति-कुलाधिपति रहे और उसकी नींव को सुदृढ़ किया। उनका योगदान शिक्षा के भवन में ईंट भरने का नहीं, बल्कि नींव गढ़ने का था।

अध्यापन और व्यक्तित्व

उनका अध्यापन केवल गणितीय सूत्रों तक सीमित नहीं था। उनके कक्ष में संख्याओं के समीकरणों के साथ-साथ जीवन के प्रश्नों के उत्तर भी मिलते थे। वे विद्यार्थियों को धैर्य, तर्क और आत्मविश्वास का पाठ पढ़ाते थे। उनके लिए शिक्षा का अर्थ था—विद्या से विवेक और विवेक से सेवा। वे गणना में जितने दक्ष थे, संगठन-निर्माण में उतने ही कुशल। उन्होंने केवल कक्षा नहीं पढ़ाई, बल्कि पीढ़ियों को गढ़ा।

मेरा व्यक्तिगत अनुभव (2015–2025)

मुझे 2015 से 2025 तक उनके साथ कार्य करने का सौभाग्य मिला। इन दस वर्षों में मैंने उन्हें एक मार्गदर्शक और संरक्षक के रूप में अनुभव किया।
वे हमेशा कहते थे: “शिक्षा का अर्थ केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि समाज का निर्माण करना है।”
उनकी कार्यशैली से मैंने सीखा कि संगठन को मजबूती केवल नियमों से नहीं, बल्कि विश्वास और आत्मीयता से मिलती है।
विद्यालय के कार्यक्रमों में उनका आगमन हम सबके लिए प्रेरणा होता था। उनकी मुस्कान, सादगी और स्नेहिल वाणी सभी को प्रभावित करती थी।
उनके साथ बिताए गए ये दस वर्ष मेरे जीवन की सबसे बड़ी धरोहर हैं।

प्रेरणा के स्रोत

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने सही कहा 
 “प्रो. उदय प्रताप सिंह जी दीपक की तरह थे, जो अंधकार को चीरकर दूसरों को दिशा देते रहे। वे वटवृक्ष की भांति थे, जिसकी छाया में पीढ़ियां पनपीं और जिसकी जड़ों से नई शिक्षा और संस्कृति अंकुरित हुई।”
वे सचमुच निर्मल नदी की तरह थे—निरंतर प्रवाहित और जीवनदायिनी।

अंतिम विदाई और शाश्वत स्मृति

27 सितम्बर 2025 की भोर ने उन्हें चिरनिद्रा में सुला दिया। उनका जाना केवल एक विद्वान, प्रशासक या संगठनकर्ता का जाना नहीं, बल्कि उस दीपस्तंभ का बुझना है जो पीढ़ियों को मार्ग दिखाता रहा। किन्तु दीपक भले ही बुझ जाए, उसकी रोशनी स्मृति में सदैव बनी रहती है। आज वे हमारे बीच शरीर से नहीं हैं, पर उनका जीवन, उनके संस्कार और उनके आदर्श हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। प्रो. सिंह जी का जीवन यह संदेश देता है—
शिक्षा का लक्ष्य केवल करियर बनाना नहीं, बल्कि चरित्र गढ़ना है।
संगठन का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज को जोड़ना है।
सेवा का अर्थ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मा की निष्ठा है।
वे अब स्मृति नहीं, प्रेरणा हैं। सचमुच “एक जीवन में अनेक प्रेरणाओं” के प्रतीक बनकर वे युगों तक हमारे हृदय में अमर रहेंगे।

ॐ शांति शांति शांति

सौजन्य से 
श्री मनीष कुमार दूबे
प्रधानाचार्य, गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, पीपीगंज, गोरखपुर

शनिवार, 13 सितंबर 2025

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया हिंदी दिवस

गोरखपुर 14 सितंबर। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया पीपीगंज गोरखपुर में हिंदी दिवस का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हिंदी शिक्षक शैलेश कृष्ण त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है और इसके संवर्धन के लिए हमें निरंतर प्रयास करना चाहिए। श्री रामधारी सिंह दिनकर की कविता रश्मिरथी का पाठ भी किया गया। हिन्दी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता तथा भाषण प्रतियोगिता
 में भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार,

 अदिति कुमारी, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे, पूजा सिंह, किरण तिवारी, अमित तिवारी, माधेश्वर पांडेय ,अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला, स्तुति मिश्रा सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।



रविवार, 20 जुलाई 2025

उत्तर प्रदेश संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता – 2025 में गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ की छात्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन

गोरखपुर ,20 जुलाई 2025। उत्तर प्रदेश शासन एवं संस्कृत शिक्षा परिषद के तत्वावधान में प्रतिवर्ष आयोजित "संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता" का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि, प्रेम एवं गहराई को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में 20 जुलाई 2025 को जनपद स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर के पवित्र परिसर में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

इस गरिमामयी आयोजन में जनपद गोरखपुर के विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में भाग लिया। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज की छात्राओं ने इस मंच पर अपनी प्रतिभा, अभ्यास एवं आत्मविश्वास के बल पर अत्यंत प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
### 🎶 संस्कृत गीत प्रतियोगिता में सफलता की झलक:
1. कु. रंजना यादव, कक्षा 12 (कॉमर्स) — अपनी मधुर वाणी, शुद्ध उच्चारण और लयबद्ध प्रस्तुति के बल पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
2. कु. आराध्या दूबे, कक्षा 7A — अपनी स्पष्ट ध्वनि और आत्मीय अभिव्यक्ति से तृतीय स्थान अर्जित किया।
👉 इन दोनों छात्राओं ने मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है, जो आने वाले सप्ताहों में आयोजित होगी। यह उनकी निरंतर साधना, शिक्षकगण के मार्गदर्शन एवं विद्यालय की शिक्षण गुणवत्ता का प्रतिफल है।
### 📘 संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में ज्ञान की चमक:
1. कु. सिमरन यादव, कक्षा 7A — अपनी गहन स्मरण शक्ति और विषय पर पकड़ के आधार पर चतुर्थ स्थान पर रहीं।
2. कु. सिमरन पांडे, कक्षा 7A — सटीक उत्तरों और आत्मविश्वास के साथ पंचम स्थान प्राप्त किया।
👉 इन उपलब्धियों से यह सिद्ध होता है कि विद्यालय संस्कृत ज्ञान को केवल विषय नहीं, बल्कि जीवन मूल्य के रूप में स्थापित कर रहा है।
प्रधानाचार्य श्रीमान मनीष कुमार दुबे जी ने इस अवसर पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:
“गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ हमेशा से शिक्षा और संस्कृति के संतुलित समन्वय का प्रतीक रहा है। संस्कृत केवल भाषा नहीं, हमारी आत्मा और मूल पहचान है। छात्राओं ने जिस तरह से मेहनत और अनुशासन के साथ यह सफलता अर्जित की है, वह विद्यालय की शिक्षण परंपरा और संस्कारशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हम सभी इन छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हैं। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं समस्त स्टाफ ने इन प्रतिभाशाली छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों में उत्सव जैसा माहौल रहा। सभी शिक्षकगणों एवं अभिभावकों ने इस उपलब्धि को साझा किया और भविष्य में और भी बड़े मंचों पर सफलता की कामना की।

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ
भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)
मीडिया अनुभाग

गुरुवार, 26 जून 2025

NEET 2025 परीक्षा में छात्र मनीष कुमार जायसवाल ने 556 अंक प्राप्त कर गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर का नाम किया गौरवान्वित

गोरखपुर,26 जून 2025 नीट 2025 परीक्षा में छात्र मनीष कुमार जायसवाल ने 556 अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम किया गौरवान्वित
भरोहिया, पीपीगंज (गोरखपुर): गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर के मेधावी छात्र मनीष कुमार जायसवाल ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2025 में 556 अंक (720 में से) अर्जित कर न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आज विद्यालय प्रांगण में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे ने मनीष को सम्मानित करते हुए कहा: "यह उपलब्धि मनीष की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल है। उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। विद्यालय को उन पर गर्व है।"
समारोह में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, अभिभावकगण एवं छात्र उपस्थित रहे। सभी ने मनीष को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मनीष की यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर की गुणवत्ता एवं शिक्षण परंपरा का प्रमाण भी है।
गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर सतत उत्कृष्टता और चरित्र निर्माण की दिशा में प्रतिबद्ध है। मनीष की यह उपलब्धि उसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है।

शनिवार, 21 जून 2025

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में भव्यता से मनाया गया 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

21 जून 2025 गोरखपुर । गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को भव्य रूप से मनाया गया। योगाभ्यास का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे के द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य महोदय ने कहा कि योग तनाव से मुक्ति देता हैं। योग सिर्फ शारीरिक ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ में योगाभ्यास के विभिन्न आसनों का अभ्यास भी कराया गया। 
विद्यालय के योग प्रशिक्षकों आशुतोष सिंह तथा हरिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में ध्यान, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम आदि विभिन्न योग मुद्राओं एवं प्राणायामों का अभ्यास कराया गया।
इस अवसर पर योगाचार्यों ने बताया कि योग तनाव से मुक्ति देता हैं, योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्तर पर संतुलन बनाने की कला है।
वर्तमान परिवेश में नियमित योग का अभ्यास जीवन जीने की संजीवनी देगा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार,


 अदिति कुमारी, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,

पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

शुक्रवार, 20 जून 2025

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर की टीम नेशनल स्कूल हैमर बॉल प्रतियोगिता में बनी उपविजेता

गोरखपुर, 20 जून 2025। गुरु  गोरखनाथ विद्यापीठ, पीपीगंज, गोरखपुर की खेल टीम ने हाल ही में ऊना, हिमाचल प्रदेश में आयोजित नेशनल स्कूल हैमर बॉल चैम्पियनशिप में प्रतिभाग करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और उपविजेता टीम होने का गौरव प्राप्त किया।
टीम के शानदार प्रदर्शन में टीम मैनेजर श्री सत्य प्रकाश मिश्रा, कोच श्री दिलीप अग्रहरि एवं कप्तान अमित साहनी की भूमिका सराहनीय रही। उनकी कड़ी मेहनत, रणनीति और मार्गदर्शन ने टीम को राष्ट्रीय स्तर पर यह सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे, प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह तथा प्रबंधक श्री राम जन्म सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए टीम के सभी खिलाड़ियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यालय की खेल प्रतिभाओं के उत्साह और उनके समर्पण का प्रतीक है।
गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भविष्य में भी छात्रों को खेल व अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा।
गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ की हैमर बाल टीम ने मंदिर कार्यालय पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमल नाथ जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य श्री राम जन्म सिंह, गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय सचिव श्री द्वारिका तिवारी और विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे उपस्थित रहे।

सोमवार, 9 जून 2025

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहियाा, पीपीगंज गोरखपुर में द्वितीय नेशनल हैमर बॉल चैंपियनशिप 2025 हेतु जर्सी का अनावरण

गोरखपुर 9 जून 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर (उ.प्र.) में द्वितीय नेशनल हैमर बॉल चैंपियनशिप 2025 हेतु खिलाड़ियों की जर्सी का भव्य अनावरण किया गया।
आज गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर के परिसर में एक गर्वपूर्ण क्षण का साक्षात्कार हुआ, जब विद्यालय के खिलाड़ियों के लिए 2nd नेशनल हैमर बॉल चैंपियनशिप 2025 हेतु आधिकारिक जर्सी का अनावरण समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रतियोगिता दिनांक 12 से 15 जून 2025 तक ऊना, हिमाचल प्रदेश में आयोजित की जा रही है, जिसमें विद्यालय के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
🏆 खेल: व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला
प्रधानाचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:
"खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, यह एक जीवन दृष्टिकोण है। अनुशासन, सहयोग, परिश्रम और आत्मबल—ये सभी गुण एक खिलाड़ी के माध्यम से विकसित होते हैं। हमारे खिलाड़ी ना केवल अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, बल्कि इस क्षेत्र की आशा और सम्मान का भार भी उनके कंधों पर है।"
🌟 कुछ प्रेरणादायक बातें जो छात्रों को दी गईं:
• "हार-जीत जीवन का हिस्सा है, लेकिन प्रयास और ईमानदारी आपके चरित्र की पहचान है।"
• "जो पसीना मैदान में बहाते हैं, वही इतिहास के पन्नों में स्थान पाते हैं।"
• "अपने लक्ष्य पर नजर रखो, हर कठिनाई सफलता की तैयारी है।"
• "तुम्हारा प्रत्येक प्रदर्शन, न केवल खेल में बल्कि जीवन में भी तुम्हारे आत्मविश्वास की बुनियाद रखेगा।" इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री आशुतोष सिंह, श्री सत्यप्रकाश मिश्रा, श्री दिलीप कुमार, श्री नागेन्द्र दूबे , श्री सितम आनंद , श्री अजय कुमार एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे|
🥇 विद्यालय की भावना
विद्यालय परिवार ने समस्त खिलाड़ियों को ढेरों शुभकामनाएँ दीं और विश्वास जताया कि ये खिलाड़ी अपनी खेल भावना, समर्पण और संघर्षशीलता के साथ विद्यालय एवं जनपद का नाम रोशन करेंगे।

शुक्रवार, 9 मई 2025

हिंदूवा सूर्य वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती का गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहियाा पीपीगंज गोरखपुर विद्यालय में हुआ धूमधाम से आयोजन!

गोरखपुर 9 मई 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज गोरखपुर में हिंदूवा सूर्य राष्ट्र नायक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती धूमधाम से मनाया
 गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दूबे जी ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि कर दीप प्रज्ज्वलित किया और महाराणा प्रताप के योगदान पर प्रकाश डाला। विद्यालय के शिक्षक संदीप कुमार ने महाराणा प्रताप के बारे में विद्यार्थियों को बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण में जुड़ा रहा तथा उन्होंने मुगलों की पराधीनता कभी स्वीकार नहीं की। इतिहास में महाराणा प्रताप तथा मानसिंह दोनों हुए हैं लेकिन आज भारत वर्ष महाराणा प्रताप को ही अपना आदर्श मानता है मानसिंह को नहीं। जनता स्वाभिमानी और धर्म परायण व्यक्ति को अपना आदर्श मान लेती है।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित एक लघु नाटक का प्रदर्शन भी किया जिससे विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप के जीवन के बारे में नई-नई जानकारियां प्राप्त हुई। इस  अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार,
 अदिति कुमारी, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,


 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

सोमवार, 14 अप्रैल 2025

भारतीय संविधान के प्रणेता डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती पर विद्यालय में हुआ धूमधाम से आयोजन!

गोरखपुर, 14 अप्रैल 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती धूमधाम से मनाया
 गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दूबे जी ने डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि कर दीप प्रज्ज्वलित किया और डॉ. भीमराव अंबेडकर जी योगदान पर प्रकाश डाला। 
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार,
 अदिति कुमारी, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,
 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

शनिवार, 12 अप्रैल 2025

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया पीपीगंज गोरखपुर में श्री हनुमान प्राकट्य उत्सव!

गोरखपुर, 12 अप्रेल 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में प्रतिवर्ष की भांति श्री हनुमान प्राकट्य उत्सव
 धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर
 पर विद्यालय प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे ने हनुमान जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। उसके उपरांत
 विद्यालय के शिक्षक अंबरीष मणि त्रिपाठी ने कहा पवन पुत्र श्री हनुमान जी महाराज का चरित्र हम सभी के लिए अनुकरणीय है।हनुमान जी विद्या बुद्धि बल ज्ञान के दाता तथा उनके हृदय में भगवान श्री राम की भक्ति निरंतर बहती रहती है। ऐसे में हनुमान जी हमारे आदर्श हैं आज उन्हीं पवन पुत्र हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव है।हनुमान जी जब लंका
 विध्वंस के पश्चात प्रभु श्री राम के पास वापस आते हैं तब प्रभु श्री राम उनसे पूछते हैं कि हे पवन पुत्र! आपने लंका का दहन किस प्रकार किया जरा कुछ बताइए। हनुमान जी बड़े ही विनम्र भाव से कहते है,कि हे नाथ! विशाल लंका नगरी को जलाने में मेरा कोई योगदान नहीं था, यह सब आपका प्रताप था जिसके कारण मैंने विशाल लंका को जला दिया। तात्पर्य है कि हम जीवन में छोटे से छोटा कार्य करते है। सबसे पहले अपना नाम लेते हैं। कि यह कार्य मेरे द्वारा संपादित किया गया परंतु
 हनुमान जी हमें शिक्षा देते हैं की कार्य भले ही आपके द्वारा हुआ हो परंतु उसका श्रेय सबको मिलना चाहिए, ना कि स्वयं को क्योंकि हमारे किसी भी कार्य में समाज का योगदान होता है।अंत में उन्होंने हनुमान जी की वंदना के साथ अपनी वाणी को विराम दिया।
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं,
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् 
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं,
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि II
   इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार, अदिति
 कुमारी, संजय कुमार, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,

 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अंबरीश मणि त्रिपाठी, संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में अंक पत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

गोरखपुर, 29 मार्च 2025। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज, गोरखपुर में प्रतिवर्ष की भांति पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर मंजू मिश्रा, प्राचार्य, बापू पीजी कॉलेज पीपीगंज गोरखपुर एवं विशिष्ट अतिथि डॉक्टर सुनीता सिंह ब्लाक प्रमुख, भरोहिया पीपीगंज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समारोह दीप प्रज्ज्वलन के साथ
 शुरू हुआ। दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात छात्र-छात्राओं को अंक पत्र और प्रशस्ति पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई इस अवसर पर बापू पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉमंजू मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों में सभी के अंदर अलग-अलग प्रतिभा छिपी होती है। अभिभावकगण तथा शिक्षकों को बच्चों की प्रतिभा की पहचान करके उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास करना चाहिए। भरोहिया ब्लाक प्रमुख डॉक्टर सुनीता सिंह ने इस
 अवसर पर सोशल मीडिया के बढ़ते हुए प्रभाव तथा उसके बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि यदि हम मोबाइल का प्रयोग अच्छे प्रकार से करेंगे तो यह हमारे लिए लाभदायक तथा यदि गलत तरीके से करेंगे तो यह हमारे लिए बहुत ही हानिकारक होगा।
 विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे ने सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना ही गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ का परम उद्देश्य है। गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ अपने संस्थापकों के बताए हुए मार्ग पर चलकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।
   इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार दुबे,श्री आशुतोष सिंह, श्री सितम आनंद, रविंद्र पांडे, रामनारायण राही, अजय कुमार, सीमा साहनी, संतोष कुमार, पवन कुमार, शैलेश कृष्ण त्रिपाठी, सत्य प्रकाश मिश्रा, मनीष कुमार अग्रहरी, दिलीप कुमार,Students in Krishi Vigyan Kendra जयहिंद कुमार, पारसनाथ यादव, सत्य प्रकाश शुक्ला, कुलदीप कुमार, संदीप कुमार, अदिति
 कुमारी, संजय कुमार, सुमंत मणि पांडे, शक्ति कुमार, हरिकेश तिवारी, क्षितिज श्रीवास्तव, शेफाली शाही,संगीता कोरी, कशिश अग्रहरि, वशिष्ठ मुनि,वरुण कुमार, सुमन वर्मा,नागेंद्र दूबे,
 पूजा सिंह, किरण तिवारी, अनुराधा सिंह,, जयप्रकाश मणि त्रिपाठी, अश्वनी कुमार, शिखा पांडे, अम्बरीष कुमार , संगीता गोंड,समीर श्रीवास्तव, रेनू बाला सहित सभी शिक्षक,विद्यार्थी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

सादगी और स्वाभिमान का प्रतीक है प्रो उदय प्रताप सिंह का जीवन : श्री मनीष कुमार दूबे प्रधानाचार्य, गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, पीपीगंज, गोरखपुर

गोरखपुर 27 सितंबर 2025। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय के क्षणिक प्रवाह में खोते नहीं, बल्कि युगों तक स्मृति और प्रेरणा बनकर जीवित रहते...